Independence Day Essay in Hindi 2021 | स्वतंत्रता दिवस निबंध

Independence Day Essay in Hindi, स्वतंत्रता दिवस पर निबंध हिंदी में. क्या आप भी यही सर्च करके यहाँ आये है तो यह आर्टिकल आपके बहुत काम आने वाला है, क्यूंकि आज हम इस आर्टिकल में Independence Day Essay in Hindi के बारे में पड़ेंगे.

15 अगस्त 1947 हमारे लिए बहुत ही महतवपूर्ण दिन था क्यूंकि इस दिन भारत को अंग्रेजो से आज़ादी मिली थी. जब भारत को आज़ादी मिली थी तब पंडित जवाहर लाला नेहरु दिली दिल्ली में लाल किले पर तिरंगा फेहराया था इस वजह से उन्हें भारत का पहला प्रधान मंत्री बनाया गया था. सन 1947 से लेकर अभी तक हम सब पूरे भारतीय मिलकर इस दिन यानी 15 अगस्त पर उत्सव मानते है क्यूंकि यह दिन हमारे लिए बहुत ख़ास था.

तो चलिए बिना देरी के शुरू करते है और Independence Day Essay in Hindi, स्वतंत्रता दिवस निबंध के बारे में जानते है.

Independence Day Essay in Hindi – स्वतंत्रता दिवस निबंध

Independence Day Essay in Hindi 100 Words

भारत के लिए 15 अगस्त 1947 का यह दिन बहुत ही महतवपूर्ण दिन था, क्यूंकि इस दिन हमे अंग्रेजो से आज़ादी मिली थी. इस दिन भारत की सभी सेना के कठिन परिश्रम की वजह से भारत आजाद हुआ था. जब भारत को आज़ादी मिली थी तब भारत के हर एक नागरिक ने पंडित जवाहर लाल नेहरु को भारत का पहला प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट दिए थे क्यूंकि पंडित जवाहर लाल नेहरु ने भारत की आज़ादी के दौरान दिल्ली में लाल किल्ले पर तिरंगा फेहराया था. और 1947 से लेकर अभी तक हम इस दिन का पर भारत की आज़ादी का जश्न मनाते है. जय हिंदी वन्दे मातरम!

Independence Day Essay in Hindi 300 Words

15 अगस्त 1947 का दिन भारत के लिए एक बहुत ही बेहतरीन दिन था क्यूंकि इस दिन हमारा भारत अंग्रेजो से आजाद हुआ था. भारत के हर एक सेनानी ने मिलकर भारत को आजाद करवाया था, और उन्ही की मेहनत और परिश्रम की वजह से हमारा भारत आजाद हुआ था. 15 अगस्त के दिन को इसलिए स्वतंत्रता दिवस के नाम से जाना जाता है और हर साल इस दिन जश्न से मनाया जाता है और उन महान नेताओ को श्रदांजलि दी जाती है इनके कठिन परिश्रम से भारत हमेशा के लिए आज़ाद हुआ.

15 अगस्त का दिन हर साल भारत की स्कूलो में तथा अन्य और भी जगह मनाया जाता है और बड़ा सा कार्यक्रम किया जाता है इस कार्यक्रम में बहुत से स्कूल के बच्चे भी हिस्सा लेते है और इस दिन को शांतिपूर्वक मानते है. सब लोग इस दिन को अलग अलग अंदाज़ से मानते है जैसे: देश भक्ति के गाने सुनना, देश भक्ति की फिल्म देखना, उन महान नेताओ को याद करना, परिवार के साथ मनाना आदि.

15 अगस्त 1947 के बाद भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री पंडित जवाहर लाल नेहरु को बनाया गया था जिन्होंने दिल्ली के लाल किल्ले पर तिरंगा फेहराया और हर एक भारतीय को भारतीयों को संबोधित किया. तब से लेकर यह प्रथा अब तक चल रही है और नए नए प्रधानमन्त्री भी इस प्रथा को आगे बड़ा रहे है और इस दिन हर सरकारी कर्योल्य, स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल आदि पर तिरंगा फेहराया जाता है.

पंडित जवाहर लाल नेहरु ने 14 अगस्त 1947 की रात को एक भाषण दिया था उसका नाम ट्रिस्ट विद डेस्टिनी (Tryst with Destiny) था. “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी” भारत की स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर, भारत के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा 14 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को दिया गया एक अंग्रेजी भाषा का भाषण था. इसके साथ भाषण में कहा की वर्षो की गुलामी के बाद अब वह समय है जिसमे हम अपने भारत के नए संकल्प निभाएंगे.

भारत में करोडो लोग अनेक धर्म, संस्कृति, परम्परा के साथ रहते है और यह सब लोग 15 अगस्त के दिन सब एकजुट होकर स्वतंत्रता दिवस मनाते है. 15 अगस्त के दिन हमें भारतीय होने का गर्व होना चाहिए और हमे यह वादा करना चाहिए की चाहे कुछ भी हो जाए हम हमारी मातृभूमि की रक्षा के लिए हमेशा इमानदारी से देशभक्ति निभाएंगे. जय हिन्द वन्दे मातरम!

स्वतंत्रता दिवस पर झंडा कहा फेहराया जाता है?

स्वतंत्रता दिवस पर झंडा दिल्ली के लाल किल्ले पर फेहराया जाता है.

स्वतंत्रता दिवस के लिए 15 अगस्त की तारीख किसने चुनी थी?

स्वतंत्रता दिवस के लिए 15 अगस्त की तारीख Louis Mountbatten ने चुनी थी.

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